Uttarakhand
सीमांत गांव पासम से निकला नवोदय का सितारा, खीम चंद ने मेहनत के दम पर रचा सफलता का नया इतिहास
चंपावत : भारत-नेपाल सीमा से लगे दुर्गम पासम गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र खीम चंद ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर विद्यालय, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद हासिल की गई यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती।
सीमांत गांव पासम से निकला नवोदय का सितारा
खीम चंद के चयन की खबर मिलते ही विद्यालय में खुशी का माहौल छा गया। प्रधानाध्यापक नरेश जोशी ने छात्र को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उसकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि खीम चंद भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय और जनपद का गौरव बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि कभी शिक्षा की चुनौतियों के लिए पहचाने जाने वाले पासम जैसे सीमांत क्षेत्र से लगातार प्रतिभाएं निकल रही हैं। यहां के विद्यार्थी अब छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं, खेल और अन्य सहशैक्षिक गतिविधियों में भी अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
खीम चंद ने मेहनत के दम पर रचा सफलता का नया इतिहास
इस मौके पर शिक्षक पान सिंह चमलेगी, सुभाष चंद्र, कृष्ण कुमार चौबे, एसएमसी अध्यक्ष मोहन सिंह, ग्राम प्रधान चंद्रकांत तिवारी सहित विद्यालय परिवार ने खीम चंद को शुभकामनाएं दीं। अभिभावकों ने भी विद्यालय के शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सतत मार्गदर्शन से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिल रही है। विद्यालय परिवार ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि खीम चंद की सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
