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उत्तराखंड का फार्मा पावर, IPC मानकों पर मंथन, दवा उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार

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उत्तराखंड का फार्मा पावर, IPC मानकों पर मंथन, दवा उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार

हरिद्वार : उत्तराखंड के तेजी से उभरते फार्मा सेक्टर को नई दिशा देने के उद्देश्य से हरिद्वार में एसोसिएशन ऑफ देवभूमि फार्मा इंडस्ट्रीज (एडीपीआई) के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में इंडियन फार्माकोपिया कमीशन (आईपीसी) के नवीनतम गुणवत्ता मानकों और नियमों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उत्तराखंड का फार्मा पावर, IPC मानकों पर मंथन

हरिद्वार, देहरादून, रुड़की और रुद्रपुर की फार्मा इकाइयों को एक मंच पर लाने वाले इस कार्यक्रम में दवा निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य उद्योग को आईपीसी के नए मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण से संबंधित अपडेट की जानकारी देना रहा।

कार्यक्रम में आईपीसी के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वी. कलाइसेल्वन ने कहा कि भारतीय औषध संहिता दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने का आधार है। उन्होंने उद्योगों से गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने का आह्वान किया। वहीं, राज्य औषधि नियंत्रक एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण उत्तराखंड के ताजबेर सिंह ने कहा कि प्रदेश का फार्मा उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है और नियामकीय मानकों का पालन कर उद्योग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत कर सकता है।

दवा उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार

एकम्स कंपनी के डायरेक्टर संदीप जैन ने कहा कि ऐसे सेमिनार उद्योगों को नई तकनीकी जानकारियां प्रदान करते हैं और गुणवत्ता आधारित उत्पादन को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने एडीपीआई की इस पहल को उद्योग हित में महत्वपूर्ण बताया। उत्तराखंड देश के प्रमुख फार्मा हब के रूप में उभर चुका है और देश में उपयोग होने वाली करीब 20 प्रतिशत दवाओं का उत्पादन प्रदेश में किया जाता है। ऐसे में यह सेमिनार उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

 



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