Uttarakhand
20 घंटे बाद खत्म हुआ सितारगंज तहसील का गतिरोध , उच्च अधिकारियों से वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त..
सितारगंज : तहसील में विजिलेंस की कार्रवाई के विरोध में राजस्व कर्मियों का करीब 20 घंटे से जारी धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार गुरुवार को समाप्त हो गया। उच्च अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद सहमति बनने पर आंदोलन वापस लेने की घोषणा की गई। इसके साथ ही विजिलेंस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को रिहा कर दिया गया, जिसके बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर तहसील के मुख्य गेट से लगाया गया ताला खोल दिया और नियमित कार्य शुरू कर दिया।
बुधवार को विजिलेंस टीम ने तहसील परिसर में कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ सहायक और संग्रह अमीन को 14 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के विरोध में राजस्व कर्मी बड़ी संख्या में एकजुट हो गए और तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई एकतरफा और विभागीय प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए की गई है। विरोध स्वरूप उन्होंने तत्काल प्रभाव से कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी और तहसील कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया।
धरने के चलते पूरे तहसील कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। नामांतरण, आय, जाति, निवास, खतौनी की नकल, भूमि संबंधी अभिलेखों सहित अन्य राजस्व कार्य प्रभावित रहे। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों को घंटों इंतजार करने के बाद बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा। आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गतिरोध समाप्त कराने के लिए देर रात से लेकर गुरुवार तक प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। अंततः उच्च अधिकारियों के स्तर पर समाधान निकलने के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी। इसके बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
वार्ता के बाद विजिलेंस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को रिहा कर दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने धरना स्थल हटाया, तहसील कार्यालय के मुख्य गेट से ताला खोला और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में लौटकर नियमित कार्य में जुट गए। करीब 20 घंटे से ठप पड़े तहसील के कामकाज के दोबारा शुरू होने से आम लोगों ने भी राहत की सांस ली।
हालांकि कर्मचारी संगठनों का कहना है कि भविष्य में यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई या कर्मचारियों के हितों के विपरीत कोई कार्रवाई की गई तो वे फिर आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं प्रशासन ने कहा कि सभी पक्षों से वार्ता के माध्यम से समाधान निकाल लिया गया है और अब तहसील में सामान्य व्यवस्था बहाल हो गई है।
