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Uttarakhand

सचिवालय में हुई मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा, योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के निर्देश

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सचिवालय में हुई मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा, योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के निर्देश

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में राज्य सचिवालय में सचिव, आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री घोषणा संख्या–800/2021 “मोलेखाल बाजार, सल्ट (अल्मोड़ा) में पार्किंग निर्माण” परियोजना की प्रगति और विस्तृत आगणन पर चर्चा की गई।

सचिवालय में हुई मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा

सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा के लिए बैठक हुई। इस दौरान विभागीय व्यय समिति की बैठक में आवास विभाग, वित्त विभाग और नियोजन विभाग के अधिकारियों के साथ जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण अल्मोड़ा (ऑनलाइन), अधिशासी अभियंता उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण देहरादून श्री विनोद चौहान तथा निर्माण इकाई, उत्तराखण्ड पेयजल निगम रानीखेत की अभियंता श्रीमती नेहा रावत (ऑनलाइन) भी शामिल हुईं। कार्यदायी संस्था द्वारा परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।

बैठक में बताया गया कि चयनित स्थल की भौगोलिक स्थिति जटिल होने के कारण परियोजना में गहरी नींव, ढलान स्थिरीकरण, भूकम्परोधी डिजाइन तथा अतिरिक्त आरसीसी संरचनाओं की आवश्यकता है। इसी कारण प्रति कार पार्किंग लागत अधिक प्रस्तावित की गई है, जिसे तकनीकी रूप से पूरी तरह उचित और न्यायसंगत माना गया।

योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के निर्देश

अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्रस्तावित स्थल का ड्रोन सर्वे कर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के माध्यम से परीक्षण किया गया, जिसमें ये स्थान पार्किंग निर्माण के लिए उपयुक्त पाया गया। विचार-विमर्श के बाद विभागीय व्यय समिति ने परियोजना को सैद्धांतिक सहमति दी। तकनीकी समीक्षा के उपरांत निर्धारित ₹591.16 लाख की धनराशि की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव को नियमानुसार वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए।

सचिव,आवास एवं राज्य संपत्ति ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं से संबंधित सभी प्रकरणों में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लंबित पत्रावलियों को एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत किया जाए, ताकि स्वीकृति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और योजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतर सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं को प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जाए।



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