Uttarakhand
मसूरी में होटल-रेस्तरां कारोबार पर बढ़ी निगरानी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद संचालकों की बढ़ी चिंता
पर्यटन नगरी मसूरी में आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल का मामला चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भवनों के उपयोग और निर्धारित नियमों के पालन को लेकर कार्रवाई तेज होने की खबरों से स्थानीय कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। खास तौर पर होटल और रेस्तरां संचालक इस मामले को लेकर सतर्क हैं।
आवासीय भवनों में कारोबार की जांच
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की ओर से ऐसे भवनों की जांच की जा रही है, जिनका इस्तेमाल स्वीकृत नक्शे में निर्धारित उद्देश्य से अलग किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में 200 से अधिक होटल और रेस्तरां संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित प्रतिष्ठानों से जरूरी दस्तावेज पेश करने को कहा गया है।

नियमों के उल्लंघन पर हो सकती है कार्रवाई
जांच के दौरान भवनों के स्वीकृत नक्शे, भूमि उपयोग और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है। यदि किसी प्रतिष्ठान में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, केवल नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी प्रतिष्ठान नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। अंतिम स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पर्यटन कारोबार पर भी पड़ सकता है असर
मसूरी में होटल, रेस्तरां और होमस्टे पर्यटन व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। इनसे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है और कई परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। ऐसे में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच का मामला कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। संचालकों की नजर अब इस बात पर है कि जांच के बाद प्राधिकरण आगे क्या कदम उठाता है।फिलहाल, मसूरी में भवनों के निर्धारित उपयोग और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े नियमों का पालन इस मामले का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
