Uttarakhand
उर्मिला सनावर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, नार्को टेस्ट से बचाने के आरोपों को हरिद्वार पुलिस ने बताया भ्रामक
हरिद्वार : उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और नार्को टेस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों पर हरिद्वार पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस के अनुसार, उर्मिला सनावर को 24 अक्टूबर 2026 को सहारनपुर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें माननीय जिला एवं सत्र न्यायालय, हरिद्वार के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
यह मामला कोतवाली रानीपुर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 387/26 से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं सहित स्त्री अशिष्ट रूपण अधिनियम, 1986 की धाराओं के तहत दर्ज है।
हरिद्वार पुलिस ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर यह भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं कि उर्मिला सनावर को नार्को टेस्ट से बचाने के लिए गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी और नार्को टेस्ट की कार्रवाई का आपस में कोई संबंध नहीं है।
एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया अंकिता भंडारी प्रकरण में जारी सीबीआई जांच के दौरान संबंधित जांच एजेंसी कानूनी प्रक्रिया के तहत माननीय न्यायालय से अनुमति लेकर उर्मिला सनावर का नार्को टेस्ट कराने के लिए स्वतंत्र है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों को लेकर तथ्यों की पुष्टि करने और भ्रामक सूचनाओं से बचने की अपील की है।
