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Uttarakhand

आधुनिक मशीनों से लैस कॉमन फैसिलिटी सेंटर से सहसपुर की महिलाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर

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आधुनिक मशीनों से लैस कॉमन फैसिलिटी सेंटर से सहसपुर की महिलाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर

देहरादून, 25 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन देहरादून की पहल से सहसपुर में लंबे समय से बंद पड़ी सिलाई यूनिट को अब नई शुरुआत मिलने जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा कॉमन फैसिलिटी सेंटर को आधुनिक मशीनों से लैस कर दोबारा सक्रिय किया गया है। केंद्र के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

सहसपुर ब्लॉक के निकट जिला उद्योग केंद्र में वर्ष 2024 में स्थापित इस सिलाई यूनिट की जिम्मेदारी अब आस्था कलेक्टर लेवल फेडरेशन, सहसपुर ब्लॉक को सौंपी गई है। केंद्र में करीब 25 से 30 आधुनिक सिलाई मशीनें उपलब्ध हैं। यहां स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें उत्पादन और बाजार से जोड़ने की योजना है।

जूट बैग से लेकर स्कूल ड्रेस तक तैयार होंगी

कॉमन फैसिलिटी सेंटर में महिलाएं जूट बैग, स्कूल ड्रेस, कार कवर और बाइक सीट कवर समेत कई उत्पाद तैयार करेंगी। प्रशासन का उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उन्हें उत्पादन, बाजार और नियमित आय से जोड़ना है।

निजी कंपनियों से ऑर्डर दिलाने की तैयारी

महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की डिजाइन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला प्रशासन निजी कंपनियों से संपर्क कर स्वयं सहायता समूहों को ऑर्डर दिलाने की भी तैयारी कर रहा है। भविष्य में सेलाकुई जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से बड़े स्तर पर बल्क ऑर्डर प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।

इससे महिलाओं को नियमित काम मिलने के साथ उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में पहल

प्रशासन का मानना है कि आधुनिक मशीनों से लैस यह केंद्र सहसपुर की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ बाजार उपलब्ध कराने और स्वरोजगार से जोड़ने की कोशिश उन्हें ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में भी मददगार साबित हो सकती है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि पहले यह केंद्र मुख्य रूप से ट्रेनिंग सेंटर के रूप में संचालित हो रहा था। अब इसे समूह की महिलाओं को संचालन के लिए सौंपा जा रहा है और इसके लिए क्लस्टर का चयन भी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इससे आधुनिक मशीनों का बेहतर उपयोग होगा और महिलाएं विभिन्न उत्पाद तैयार कर अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगी।

वहीं, जिला परियोजना प्रबंधक रीप सोनम गुप्ता ने बताया कि सहसपुर क्षेत्र की कई ग्रामीण महिलाएं पहले से सिलाई में दक्ष हैं। आधुनिक मशीनें उनके कौशल को रोजगार और आय के बेहतर अवसरों में बदलने में मदद करेंगी।

जिला प्रशासन की यह पहल सहसपुर की ग्रामीण महिलाओं को कौशल, उत्पादन, बाजार और रोजगार—चारों स्तरों पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



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