Uttar Pradesh
कानपुर में संदिग्ध हालात में मिली CRPF इंस्पेक्टर की लाश, उत्तराखंड के थे निवासीl

कानपुर: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के बाहर शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब आरपीएफ गेट के सामने खड़ी एक लग्जरी कार में सीआरपीएफ इंस्पेक्टर निर्मल उपाध्याय का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान उत्तराखंड के पिथौरागढ़ निवासी निर्मल उपाध्याय के रूप में हुई है, जो वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में तैनात थे। वह अपनी पत्नी से मिलने कानपुर आए थे, लेकिन उनकी यह मुलाकात अचानक एक त्रासदी में बदल गई।
पति-पत्नी के बीच हुआ था झगड़ा
निर्मल की शादी पिछले वर्ष 2023 में कानपुर के साकेत नगर निवासी राशि से हुई थी। जानकारी के मुताबिक, निर्मल पिछले 12 दिनों से मेडिकल लीव पर थे और इसी दौरान पत्नी से मिलने कानपुर आए थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो इतना बढ़ गया कि मारपीट तक की नौबत आ गई। मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई थी।
सुबह निकले, शाम को मिली लाश
शुक्रवार सुबह निर्मल बिना किसी को बताए घर से निकल गए। मकान मालिक संजय के अनुसार, उन्होंने निर्मल को स्टेशन के कैंट साइड पर पार्किंग एरिया में छोड़ा था। निर्मल ने बताया था कि वह पुलवामा के लिए निकल रहे हैं। लेकिन इसके बाद वह कार में ही रह गए—मौन, निश्चल, और जीवनरहित।
दिनभर स्टेशन पर खड़ी रही कार, नहीं गई किसी की नजर
हैरत की बात यह रही कि आरपीएफ थाने के ठीक सामने यह गाड़ी सुबह से शाम तक खड़ी रही, लेकिन न तो जीआरपी और न ही आरपीएफ के किसी जवान की नजर उस पर पड़ी। जब पार्किंग में काम कर रहे एक कर्मचारी ने देर शाम कार की ओर देखा, तो उसे कुछ असामान्य लगा। उसने झांककर देखा तो सामने की सीट पर निर्मल की गर्दन एक तरफ झुकी हुई थी और सीट बेल्ट अब भी लगी थी।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह मौके पर पहुंचे। जीआरपी एसीपी दुष्यंत सिंह ने बताया कि परिजनों को सूचित कर दिया गया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि तहरीर या रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
इस घटना ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ऐसी जगह जहां हर वक्त चहल-पहल रहती है, वहीं दिनदहाड़े एक इंस्पेक्टर की लाश घंटों तक बिना किसी की नजर में आए गाड़ी में पड़ी रही—यह लापरवाही चिंता का विषय है।