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delhi playschools may have to register themselves with department of women and child development

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राष्ट्रीय राजधानी के प्ले स्कूलों को जल्द ही दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग (Department of Women and Child Development, WCD) के साथ अपना पंजीकरण कराना होगा। एक सूत्र ने बुधवार को यह जानकारी दी। सूत्र ने कहा, इस संबंध में डब्ल्यूसीडी ने हाल ही में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (National Commission For Protection of Child Rights, NCPCR) और दिल्ली शिक्षा विभाग के साथ एक बैठक के बाद निर्णय लिया है। डब्ल्यूसीडी सूत्र ने कहा कि बैठक के दौरान, बाल अधिकारों के लिए शीर्ष निकाय ने दिल्ली के प्लेस्कूलों के संचालन के तरीके में कई खामियों पर प्रकाश डाला।

निर्धारित मानदंडों का नहीं कर रहे पालन 

सूत्र ने बताया कि दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग को बताया गया था कि राष्ट्रीय राजधानी में संचालित कई प्ले स्कूल निर्धारित मानदंडों का पालन नहीं कर रहे हैं। कुछ माता-पिता अपने बच्चों को महज दो साल की उम्र में प्ले स्कूल में दाखिला दिला देते हैं, जो बाल अधिकारों से संबंधित मानदंडों का उल्लंघन है। इसलिए, राष्ट्रीय राजधानी में प्ले स्कूलों को अब दिल्ली सरकार के साथ खुद को पंजीकृत कराना होगा। पंजीकरण के लिए आवेदन पत्र विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा, जिसका लिंक शीघ्र ही विज्ञापनों में प्रकाशित किया जाएगा। सूत्र ने कहा, इसमें प्लेस्कूलों के कामकाज के लिए दिशानिर्देश भी शामिल होंगे। 

ईडब्ल्यूएस वर्ग वालों के लिए संभावित सीटें जारी

शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए निजी स्कूलों में आर्थिक पिछड़ा वर्ग (ईडब्ल्यूएस)/ वंचित वर्ग(डीजी) और दिव्यांग श्रेणी की नर्सरी से लेकर पहली कक्षा में दाखिले के लिए संभावित सीटें जारी कर दी गई हैं। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय की निजी स्कूल शाखा ने सर्कुलर जारी किया है। स्कूलों में दाखिला के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया रहेगी। निदेशालय ने पिछले वर्ष प्रवेश स्तर की कक्षाओं के संबंध में स्कूलों से सामान्य और ईडब्ल्यूएस श्रेणी की सीटों को लेकर ब्यौरा मांगा था। 

दाखिला देने से मना नहीं कर सकेंगे

सभी जिलों के उप शिक्षा निदेशकों (डीडीई) को 25 जनवरी तक स्कूलों को सीटों की प्रस्तुति की जांच के संबंध में निर्देश दिए हैं। किसी प्रकार की विसंगति होने पर दस्तावेज देने होंगे। अगर स्कूलों से कोई प्रस्तुति प्राप्त नहीं होती है तो उपलब्ध कराई जानकारी को ठीक माना जाएगा। स्कूल कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ में चयनित बच्चे को दाखिला देने से मना नहीं कर सकेंगे। अगर स्कूल दाखिला से मना करेगा तो उस पर नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि सभी निजी स्कूलों को 25 फीसदी सीट ईडब्ल्यूएस, डीजी और दिव्यांग श्रेणी के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है।



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