Uttarakhand
न बजट का बहाना, न सरकार का इंतजार, चंपावत के इस गांव ने खुद लिखी विकास की नई कहानी
लोहाघाट : विकास के नाम पर बजट की कमी का रोना रोने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए लोहाघाट विकासखंड की आदर्श ग्रामसभा राय नगर चौड़ी एक आईना बनकर सामने आई है। यहां विकास की तस्वीर सिर्फ कागजों और सरकारी दावों में नहीं, बल्कि गांव की जमीन पर दिखाई दे रही है। मजबूत इच्छाशक्ति, बेहतर कार्ययोजना और जनसहभागिता के दम पर ग्रामसभा ने सुविधाओं का ऐसा ढांचा खड़ा किया है, जो दूसरे गांवों के लिए भी नजीर बन सकता है।
चंपावत के इस गांव ने खुद लिखी विकास की नई कहानी
गांव के मुख्य प्रवेश द्वार पर आकर्षक गेट, सड़क किनारे रोशनी के लिए लाइटें, पुस्तकालय, जिम, विवाह भवन, मिनी सचिवालय, रास्तों पर टाइल्स और पूर्वजों की धरोहर रहे पारंपरिक नौलों का जीर्णोद्धार कर उन्हें नया स्वरूप दिया गया है। गांव में हुए ये कार्य इस बात का प्रमाण हैं कि विकास के लिए सिर्फ बजट ही नहीं, बल्कि संकल्प और उसे जमीन पर उतारने की इच्छाशक्ति भी जरूरी है।
रायनगर चौड़ी गांव का दर्जाधारी मंत्री ने किया निरीक्षण
इसी विकास मॉडल को देखने और परखने के लिए उत्तराखंड सरकार की बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष और दर्जा राज्य मंत्री रामपाल सिंह राय नगर चौड़ी पहुंचे। उन्होंने गांव में कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही महिला समूहों, ग्रामीणों, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सरकारी योजनाओं की प्रगति और उनके लाभ की जानकारी ली। मंत्री रामपाल सिंह ने गांव में हुए विकास कार्यों पर संतोष जताते हुए ग्राम प्रधान और विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।
ग्रामीण विकास में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका
दर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और ग्रामीण विकास में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। हालांकि विकास की इस तस्वीर के बीच पशुपालकों ने अपनी आर्थिक पीड़ा भी सामने रखी। ग्रामीणों ने दूध का उचित मूल्य नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री ने लोहाघाट के पशु चिकित्सा अधिकारी को समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
