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Uttarakhand

मुख्यमंत्री धामी ने शहीद अमित कुमार अणथ्वाल के परिजनों से की मुलाकात, किया सम्मानित

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मुख्यमंत्री धामी ने शहीद अमित कुमार अणथ्वाल के परिजनों से की मुलाकात, किया सम्मानित

देहरादून: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीदों और उनके परिवारों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देहरादून के भाऊवाला स्थित शहीद अमित कुमार अणथ्वाल के आवास पर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने शहीद के पिता नागेंद्र प्रसाद अणथ्वाल समेत परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत कर उनकी कुशलक्षेम जानी और उन्हें सम्मानित किया।इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद अमित कुमार अणथ्वाल को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल देश की आजादी का उत्सव मनाने का दिन नहीं है, बल्कि यह उन वीर जवानों को याद करने का अवसर भी है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।

शहीद परिवारों के सम्मान को बताया पूरे समाज का सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान की भावना हर नागरिक के मन में होनी चाहिए। शहीद परिवारों का सम्मान केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार शहीदों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके सम्मान एवं कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वीर जवानों की शहादत और उनके साहस की कहानियां आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी।

केरन सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ में दिया सर्वोच्च बलिदान

शहीद अमित कुमार अणथ्वाल पौड़ी गढ़वाल जिले के कल्जीखाल विकासखंड के ग्राम क्वाला के रहने वाले थे। उन्होंने 9 दिसंबर 2011 को गढ़वाल राइफल्स में भर्ती होकर भारतीय सेना में अपनी सेवा शुरू की थी। बाद में वे 4 पैरा स्पेशल फोर्स में शामिल हुए और जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में तैनात रहे।

अप्रैल 2020 में केरन सेक्टर में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए एक अभियान के दौरान अमित कुमार अणथ्वाल ने अदम्य साहस और अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अभियान के दौरान उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर पांच आतंकवादियों को मार गिराया।

हालांकि, इस ऑपरेशन में देश की रक्षा करते हुए अमित कुमार अणथ्वाल समेत पांच वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके साहस और बलिदान ने उत्तराखंड समेत पूरे देश को गौरवान्वित किया।

मरणोपरांत सेना मेडल से हुए सम्मानित

शहीद अमित कुमार अणथ्वाल की बहादुरी और असाधारण सैन्य सेवा को देखते हुए राष्ट्र ने उन्हें सेना मेडल (मरणोपरांत) से सम्मानित किया। उनका पराक्रम आज भी युवाओं और सैनिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड को देश की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में वीर जवान देने वाली देवभूमि के रूप में जाना जाता है। शहीद अमित कुमार अणथ्वाल भी उन अमर वीरों में शामिल हैं, जिनका नाम प्रदेश और देश हमेशा गर्व के साथ याद करेगा।

आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी शहादत

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद अमित कुमार अणथ्वाल का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के वीर सैनिकों की शौर्य गाथाएं नई पीढ़ी तक पहुंचें और युवा उनसे प्रेरणा लेकर देश सेवा की भावना को मजबूत करें।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री का शहीद के घर पहुंचना केवल एक औपचारिक सम्मान नहीं, बल्कि उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता का संदेश भी है, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने अपनों को खोया है। शहीद अमित कुमार अणथ्वाल की वीरता और बलिदान उत्तराखंड की सैन्य परंपरा और देशभक्ति की गौरवशाली कहानी का हिस्सा है।



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