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देहरादून में 306 टॉपर्स का हुआ सम्मान, सचिव पंकज पांडेय ने दी सफलता की सबसे बड़ी सीख

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देहरादून में 306 टॉपर्स का हुआ सम्मान, सचिव पंकज पांडेय ने दी सफलता की सबसे बड़ी सीख

देहरादून: देहरादून के आईसीएसई एवं सीबीएसई स्कूल के टॉपर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उत्तराखण्ड शासन के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि सफलताएं प्राप्त करने से भी कठिन उन सफलताओं के शिखर पर टिके रहना है। आईआरडीटी ऑडिटोरियम में यूकॉस्ट, दिव्य हिमगिरी और डीआईटी यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छठे टॉपर्स कॉन्क्लेव में डॉ पांडेय ने टॉपर्स बच्चों की सफलता पर अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि चूंकि मैं भी एक अभिभावक हूँ, मेरे बेटे को भी जब दो बार स्कूल टॉपर का अवॉर्ड मिला, उस समय गौरव की जो अनुभूति मुझे हुई थी, वही अनुभूति आपको भी हो रही होगी।

देहरादून में 306 टॉपर्स का हुआ सम्मान

बच्चे की सफलता के पीछे अध्यापक के साथ-साथ अभिभावकों का भी बहुत योगदान होता है। टॉपरों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अभी तो जीवन शुरू हुआ है, आपको कई लक्ष्यों पर विजय प्राप्त करनी है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के इस युग में जिसके पास मौलिकता होगी, वही आगे बढ़ेगा। टेक्नोलॉजी का उपयोग करें, लेकिन लाइफ लॉन्ग लर्निंग पर हमेशा फोकस करके रखें।

सचिव पंकज पांडेय ने दी सफलता की सबसे बड़ी सीख

डीआईटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जी रघुराम ने टॉपर स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि आज शिक्षा प्राप्त करने के बहुत सारे अवसर उपलब्ध हैं। आपने कहां से पढ़ा, ये अब मायने नहीं रखता, आपने क्या पढ़ा, कितना पढ़ा और किस गहराई के साथ नॉलेज प्राप्त की यह महत्व रखता है। आईआईपी के निदेशक डॉ हरेंद्र सिंह बिष्ट ने एक कविता के माध्यम से संदेश दिया कि देश के प्रधानमंत्री ने एक विजन दिया है कि 2047 तक भारत विकसित देश होगा।

31 स्कूलों को बेस्ट स्कूल के अवार्ड से भी सम्मानित

टॉपर्स कॉन्क्लेव में 31 स्कूलों के प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के 306 बच्चों को गोल्ड मेडल, सिल्वर मेडल और ब्रॉन्ज मेडल और अवार्ड सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 31 स्कूलों को बेस्ट स्कूल के अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि देहरादून से पढ़ने वाले वाले बच्चे का सौभाग्य है कि यहां 30 से अधिक देश के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थान है। अगले वर्ष तक देश की पांचवी साइंस सिटी भी देहरादून में शीघ्र बनकर तैयार होने वाली है। आपको ऐसे सभी संस्थाओं में घूमना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के चलते आज राष्ट्र निर्माण के लिए आप जैसे उत्कृष्ट छात्रों की देश को जरूरत है।



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