Uttarakhand
तराई पश्चिमी के फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन को खोलने की मांग, कारोबारियों ने डीएफओ का किया घेराव
रामनगर : रामनगर तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले फाटो पर्यटन जोन और हाथीडंगर पर्यटन जोन को दोबारा खोले जाने की मांग को लेकर पर्यटन कारोबारियों ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को जिप्सी चालक, गाइड, वाहन मालिकों और अन्य स्थानीय पर्यटन कारोबारियों ने तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश आर्य का घेराव करते हुए दोनों पर्यटन जोन को खोलने की मांग की। इस दौरान कारोबारियों ने डीएफओ को ज्ञापन भी सौंपा।
तराई पश्चिमी के फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन को खोलने की मांग
पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि फाटो और हाथीडंगर जोन के बंद होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और इससे जिप्सी चालकों, नेचर गाइडों तथा स्थानीय कारोबारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है,उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी बरसात के दौरान पर्यटन गतिविधियां संचालित की गई थीं, लेकिन इस वर्ष दोनों जोन को बंद कर दिया गया है। ऐसे में पर्यटन पर निर्भर लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
कारोबारियों ने डीएफओ को सौंपा ज्ञापन
पर्यटन कारोबारी हिमांशु तिरुवा ने कहा कि आज सभी पर्यटन कारोबारियों की ओर से तराई पश्चिमी के डीएफओ को ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष फाटो पर्यटन जोन खुला था, लेकिन इस वर्ष बरसात के दौरान इसे बंद कर दिया गया है। इसके चलते जिप्सी चालक, गाइड और आसपास के स्थानीय कारोबारियों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है।
उन्होंने मांग की कि पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के रोजगार को ध्यान में रखते हुए फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन को खोला जाए,हिमांशु तिरुवा ने कहा कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे उच्च अधिकारियों से मुलाकात करेंगे,उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर पर्यटन कारोबारी धरना-प्रदर्शन करने के लिए भी मजबूर होंगे।
पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया निर्णय
तराई पश्चिमी के डीएफओ प्रकाश आर्य ने कहा कि फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन को निर्धारित प्रक्रिया के तहत बंद किया गया है,उन्होंने बताया कि वन्यजीवों पर पड़ने वाले तनाव और अन्य पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ये निर्णय लिया गया है। डीएफओ ने कहा कि पर्यटन से जुड़े गाइड, जिप्सी चालक और वाहन मालिक अपनी मांग को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे हैं,उनके ज्ञापन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तर से भी सहमति ली जाएगी, इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.वहीं अब पर्यटन कारोबारियों को वन विभाग के निर्णय का इंतजार है।
