Uttarakhand
नैनीताल में बढ़ते वन्य जीव हमलों से सहमे लोग, CM धामी बोले- जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता..
उत्तराखंड के नैनीताल जिला में मानव-वन्य जीव संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात चिंताजनक बने हुए हैं। पिछले 10 दिनों के भीतर जिले में दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें दो लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं ने न केवल प्रशासन बल्कि आम जनता को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
अलग-अलग इलाकों में लेपर्ड का मूवमेंट, लोगों में दहशत
नैनीताल जिले के कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लेपर्ड (गुलदार) की लगातार मौजूदगी देखी जा रही है। देर शाम और सुबह के समय इनकी सक्रियता ज्यादा होने से स्थानीय लोग भय के साए में जीने को मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं खेतों और जंगल किनारे रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
सरकार की चिंता, जिम्मेदारी तय करने की तैयारी
मानव-वन्य जीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने साफ कहा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इन घटनाओं पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
🎙️ CM का बयान
“सरकार के लिए आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानव-वन्य जीव संघर्ष की घटनाएं बेहद चिंता का विषय हैं और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
❗ बड़े सवाल खड़े, ठोस कदम की जरूरत
लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग और प्रशासन को मिलकर स्थायी समाधान निकालना होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों के सिकुड़ने और मानव गतिविधियों के बढ़ने से वन्य जीव आबादी के संपर्क में आ रहे हैं, जिससे इस तरह के संघर्ष बढ़ रहे हैं।
