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Uttarakhand

मुख्यमंत्री धामी की ‘वोकल फॉर लोकल’सोच को नई ऊँचाइयाँ दे रहा ‘हाउस ऑफ़ हिमालयाज

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मुख्यमंत्री धामी की ‘वोकल फॉर लोकल’सोच को नई ऊँचाइयाँ दे रहा ‘हाउस ऑफ़ हिमालयाज

प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2023 में की थी हाउस ऑफ़ हिमालयज की लॉन्चिंग, मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में छू रहा नई ऊंचाइयां

देहरादून: साल 2023 में प्रदेश में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ की शुरुआत की थी। इसका उदेश्य महिलाओं, किसानों और स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाना था। साथ ही राज्य के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान देना।

वोकल फॉर लोकल’ के तहत जैविक खाद्य और हस्तशिल्प को पहुंचा रहा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक-मुख्यमंत्री धामी

2023 में शुरू हुईं हाउस ऑफ़ हिमालयाज को दो वर्ष पूरे हो चुके है। इन दो सालो में इस अंब्रेला ब्रांड ने ₹3.7 करोड़ से अधिक की बिक्री की है, जो महिलाओं, किसानों और स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बना रहा है। यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत जैविक खाद्य और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय बाजार (खाड़ी देशों) तक पहुँचा रही है।

हाउस ऑफ़ हिमालयाज का उद्देश्य पर्वतीय उत्पादों (जैसे- राजमा, मिलेट्स, शिल्प) को एक साझा मंच देकर स्थानीय आजीविका में वृद्धि करना है। जिसके द्वारा आज उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय रूप से नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में सरकार ने अमेज़ॅन, जियो मार्ट, ब्लिंकिट और अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपस्थिति दर्ज करने के साथ ही दिल्ली में एक्सक्लूसिव आउटलेट्स बनाएं हैँ।

50 विशिष्ट पहाड़ी उत्पाद हैँ शामिल

वर्तमान में इस ब्रांड में कुल 50 उत्पादों को शामिल किया गया है। इसमें मिलेट्स बिस्किट, मुन्स्यारी, चकराता, हर्षिल की राजमा, चौलाई, तोर दाल, पहाड़ का परंपरागत लाल चावल, झंगोरा, गहथ, काले भट्ट, चाय, तेल, पर्सनल केयर, हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद शामिल हैं। इसके उत्पादों की गुणवत्ता की जांच तीन स्तरों पर की जा रही है। सरकार स्थानीय मेलों, त्यौहार के मौकों पर हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों को खरीदने पर जोर दे रही है। साथ ही सरकारी कार्यक्रमों और कार्यालयों के जरिए भी बिक्री बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई है। दिवाली जैसे त्यौहार के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज की ओर से खास गिफ्ट पैक उपलब्ध कराए गए थे, जिन्हें खूब पसंद किया गया।यह पहल उत्तराखंड को ‘लोकल से ग्लोबल’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो ग्रामीण पलायन को रोकने में भी सहायक हो रही है।

करीब तीन हजार से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार,बन रही आत्मनिर्भर

हाउस ऑफ हिमालयाज में अब तक कुल 22 ट्रेडमार्क पंजीकृत किए जा चुके हैं। इस उत्पाद श्रंखला से राज्य की 3,300 से अधिक ग्रामीण महिलाएं प्रत्यक्ष तौर पर जुड़ी हुई हैं। जबकि व्यापक क्रय नेटवर्क के माध्यम से 28,000 से अधिक महिलाओं को इसका अप्रत्यक्ष लाभ मिला है। ये उत्पाद प्रमुख शहरों में 26 आउटलेट्स के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इसमें जौलीग्रांट एयरपोर्ट का एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट शामिल है।

इसके साथ ही प्रतिष्ठित होटल श्रृंखलाओं एवं यात्रा केंद्रों में भी हाउस ऑफ हिमालयाज की प्रीमियम कार्ट्स स्थापित किए गए हैं। साथ ही चार धाम मार्ग पर 10 फ्लोर स्टैंडिंग यूनिट्स तैनात की गई हैं। कंपनी Reliance Freshpik, Flipkart एवं Zepto के साथ अनुबंध का प्रयास कर रही है। हाउस ऑफ हिमालयाज़ के उत्पाद को विदेशी बाजार में उपलब्ध कराने के लिए Amazon Global, Walmart के साथ साझेदारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रदेश के किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी हुईं मजबूत- मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों, दिसंबर 2023 के दौरान देहरादून में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट के दौरान हाउस ऑफ़ हिमालयज का शुभारंभ हुआ था। प्रधानमंत्री के हाथों उद्घाटन के बाद हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों की एकाएक मांग बढ़ी है। बीते दो साल में कुल बिक्री का आंकड़ा 3.7 करोड़ के पार पहुंच गया है। अब हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के उत्पाद ऑफलाइन के साथ ही ई कामर्स साइट जियो मार्ट, अमेजन, ब्लिंकिट, बिग बास्केट और ब्रांड की खुद की अपनी वेबासइट पर भी मिल रहे हैं। इससे प्रदेश के किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी मजबूत हुई है।

मुख्यमंत्री धामी के इस विजन की हर कोई सराहना कर रहा है। स्थानीय महिलाओं का कहना है की जहाँ पहले उनके द्वारा बनाएं गए उत्पादों को सही मंच नहीं प्राप्त ही पाता था वही अब हाउस ऑफ़ हिमालयाज के जरिये उनके बनाएं उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच मिल रहा है।



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