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Uttarakhand

जनसुनवाई बनी सियासी अखाड़ा, निगम शिविर में जलभराव पर हंगामा

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जनसुनवाई बनी सियासी अखाड़ा, निगम शिविर में जलभराव पर हंगामा


रूड़की: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारा का दावा करने वाली नगर निगम की जनसुनवाई उस वक्त सियासी अखाड़ा बन गई, जब जनता की पीड़ा के साथ राजनीति की गर्माहट भी खुलकर सामने आ गई। पानी, नाले और अतिक्रमण के सवालों ने पूरे शिविर को झकझोर कर रख दिया।

रूड़की नगर निगम में जनसुनवाई शिविर में जमकर हंगामा

नगर निगम रुड़की द्वारा वार्ड नंबर 1 शेरपुर और वार्ड नंबर 2 आदर्शनगर के लिए आयोजित जनसुनवाई शिविर में मेयर अनीता अग्रवाल और मुख्य नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी ने अधिकारियों के साथ जनता की समस्याएं सुनीं, लेकिन शिविर की सबसे बड़ी आवाज़ बनी जलभराव, नाला निर्माण और अवैध कब्जे।

बरसाती नाले को लेकर गरमाया मामला

वार्ड नंबर 1 से पार्षद प्रतिनिधि अमित कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि मलकपुर चुंगी से न्यू आदर्शनगर होते हुए नदी तक बड़ा नाला नहीं बना तो क्षेत्र हर बरसात में डूबता रहेगा। वहीं वार्ड नंबर 2 से पार्षद सचिन कश्यप ने निगम की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों और अवैध नर्सरी संचालन को लेकर निगम को कठघरे में खड़ा कर दिया।

जलभराव को लेकर निगम पर अनदेखी का आरोप

अधिकारियों ने शिकायतें दर्ज कर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन इसी दौरान सियासी पारा चढ़ गया। वार्ड नंबर 14 के पार्षद प्रतिनिधि अनुराग त्यागी समर्थकों के साथ शिविर में पहुंचे और जलभराव को लेकर निगम पर अनदेखी का आरोप लगा दिया। इसी मुद्दे पर मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल और पार्षद प्रतिनिधि के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।

कुछ लोग राजनीतिक द्वेष के चलते जनसुनवाई को बाधित करना चाहते हैं: मेयर प्रतिनिधि

मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल ने दो टूक कहा कि कुछ लोग राजनीतिक द्वेष के चलते जनसुनवाई को बाधित करना चाहते हैं, लेकिन निगम हर वार्ड के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं मेयर अनीता अग्रवाल ने जनता को भरोसा दिलाया कि जल निकासी और नाला निर्माण उनकी प्राथमिकता है, अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई होगी और सात दिन के भीतर हर शिकायत की स्टेटस रिपोर्ट पेश की जाएगी।



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