Uttarakhand

18 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त होंगी उत्तराखंड की सड़कें, PWD सचिव डॉ.पंकज कुमार पांडे ने सुबह-सुबह संभाला मोर्चा…

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देहरादून। उत्तराखंड में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के अभियान ने अब रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग  पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है।इसी अभियान के तहत विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडे शनिवार सुबह छह बजे ही अधिकारियों की टीम के साथ सड़कों का निरीक्षण करने मैदान में उतर गए। इस दौरान उन्होंने देहरादून के कई प्रमुख मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर सड़क सुधार और गड्ढा भरान कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी सड़कों को 18 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में गड्ढामुक्त बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

सुबह छह बजे से शुरू हुआ सड़कों का निरीक्षण

लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने शनिवार सुबह छह बजे कालीदास रोड टर्न से निरीक्षण अभियान की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कैनाल रोड, नागल, मसूरी डायवर्जन, सहस्रधारा तिराहा, लाडपुर, जोगीवाला, रिस्पना पुल, घंटाघर, चकराता रोड और गढ़ी कैंट समेत देहरादून के विभिन्न प्रमुख मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़कों की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से गड्ढा भरान एवं सड़क सुधार कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

 

आमजन को राहत देना विभाग की प्राथमिकता

लोक निर्माण विभाग का लक्ष्य निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त बनाकर आमजन का आवागमन सुगम और सुरक्षित करना है। निरीक्षण के दौरान सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मार्गों की स्थिति खराब है, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत और सुधार कार्य कराए जाएं। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाने चाहिए।

निरीक्षण के दौरान अपर सचिव लोक निर्माण विभाग विनीत कुमार, मुख्य अभियंता दयानंद, अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह और अरुण पांडेय, अधिशासी अभियंता बी.एन. द्विवेदी सहित अभियंता प्रवीण कुश, दीपक, सुरेश तोमर, विपुल सैमी और विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।



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