Uttarakhand

हरिद्वार में बाघों की मौत के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जारी हुआ हाई अलर्ट, SOG को एक्टिव मोड पर अलर्ट रहने के निर्देश…

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रामनगर : हरिद्वार वन प्रभाग में सामने आए कथित टाइगर पोचिंग मामले के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। कॉर्बेट प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ाते हुए विशेष निगरानी अभियान शुरू कर दिया है,अगले 15 दिनों तक रिजर्व क्षेत्र में गश्त, निगरानी और इंटेलिजेंस गतिविधियों को और अधिक मजबूत किया जाएगा,कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि हरिद्वार वन प्रभाग में टाइगर पोचिंग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद पूरे कॉर्बेट क्षेत्र में अलर्ट घोषित किया गया है, उन्होंने कहा कि संवेदनशील सीमाओं और इंटरस्टेट बॉर्डर क्षेत्रों में लॉन्ग रेंज पेट्रोलिंग और ब्लैक मार्च अभियान चलाया जाएगा, खासतौर पर उत्तर प्रदेश सीमा से लगे इलाकों में वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी।


कॉर्बेट प्रशासन के मुताबिक रात्री गश्त को भी और अधिक मजबूत किया जा रहा है,स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG को एक्टिव मोड पर रखा गया है और सभी रेंज अधिकारियों, एएफओ तथा फील्ड स्टाफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं,फिलहाल किसी भी अधिकारी और कर्मचारी की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है.
उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने साफ कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा,यदि किसी भी प्रकार की सूचना, मुखबिर इनपुट या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी,इसके लिए लोकल इंटेलिजेंस नेटवर्क को भी सक्रिय कर दिया गया है और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है.


दरअसल बीते सोमवार को हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज की सजनपुर बीट में करीब दो साल उम्र के दो बाघों के शव बरामद होने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया था। मामले में जंगल के कंपार्टमेंट संख्या नौ में रहने वाले कुछ वन गुज्जरों पर जहरीला पदार्थ देकर बाघों को मारने का आरोप लगा। जांच के दौरान चार आरोपियों के नाम सामने आए, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि एक बाघिन ने उनकी भैंस का शिकार किया था। इसके बाद कथित तौर पर उसी भैंस पर खेतों में इस्तेमाल होने वाला जहरीला पदार्थ डाल दिया गया। जहरीला मांस खाने से दोनों बाघों की मौत हो गई, आरोप है कि इसके बाद बाघों के पैर काटकर उनके अंगों को बेचने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही वन विभाग ने कार्रवाई कर दी।
कॉर्बेट प्रशासन का कहना है कि वन्यजीव अपराधों को रोकने के लिए हर स्तर पर सख्ती बरती जाएगी और किसी भी अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी.



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