Uttarakhand

सीमांत जिलों में गांवों की दहलीज तक पहुंच रहा प्रशासन, लोहाघाट में डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

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चंपावत : सीमांत क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर प्रशासन गांवों की दहलीज तक पहुंच रहा है। भारत-नेपाल सीमा से लगे लोहाघाट विकासखंड के दूरस्थ नगरूघाट में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं। बदहाल सड़कों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए, तो वहीं महाकाली नदी किनारे बसे नगरूघाट को पंचेश्वर की तर्ज पर एंगलिंग हब के रूप में विकसित करने का ऐलान किया। सड़क, सिंचाई, पेयजल, शिक्षा और पर्यटन से जुड़ी मांगों के बीच डीएम के इस दौरे से सीमांत क्षेत्र के लोगों में विकास की नई उम्मीद जगी है।

सीमांत जिलों में गांवों की दहलीज तक पहुंच रहा प्रशासन

भारत-नेपाल सीमा से सटे दुर्गम नगरूघाट में जिलाधिकारी मनीष कुमार का दौरा ग्रामीणों के लिए खास रहा। नागार्जुन बाबा मंदिर में दर्शन के बाद डीएम ने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद किया और एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बदहाल सड़कों, पेयजल संकट, सिंचाई व्यवस्था, पुल निर्माण और शिक्षा से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं।
पासम–बलूटा–नगरूघाट सड़क की बदहाली पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता को जल्द सड़क सुधारीकरण के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने नगरूघाट तक सड़क पहुंचाने, असलाड़ सड़क की मरम्मत और आपदा में बह गए डूंगरा–लेटी संपर्क पुल के पुनर्निर्माण की मांग भी रखी। नगरूघाट पैदल मार्ग की मरम्मत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।

लोहाघाट में डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने नगरूघाट की प्राकृतिक सुंदरता और महाकाली नदी में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए इसे पंचेश्वर की तर्ज पर एंगलिंग हब के रूप में विकसित करने की बात कही। उनका कहना है कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, जबकि टीजे सड़क का निर्माण क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार दे सकता है। सिंचाई की बदहाल व्यवस्था पर भी डीएम ने गंभीरता दिखाई। पासम के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि चंद्रकांत तिवारी ने क्षतिग्रस्त सिंचाई गूल की मरम्मत की मांग उठाई, जिस पर जिलाधिकारी ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए गूल निर्माण की दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने गौसदन खोलने की मांग भी रखी।

जिलाधिकारी ने शीघ्र कार्रवाई का दिया भरोसा

शिक्षा के क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज रौसाल में विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित करने और नगरूघाट प्राथमिक विद्यालय के भवन की मरम्मत की मांग उठी। डीएम ने प्राथमिक विद्यालय की मरम्मत के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं, खेल मैदान की मांग पर युवाओं को आश्वासन देने के साथ क्रिकेट किट भी भेंट की।  नगरूघाट में नागार्जुन बाबा मंदिर के सौंदर्यीकरण और सोलर लाइट लगाने की मांग पर भी जिलाधिकारी ने शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने बुजुर्गों से संवाद कर पेयजल सहित उनकी समस्याएं जानीं और सीमावर्ती क्षेत्र का निरीक्षण कर एसएसबी के जवानों से सीमा की जानकारी भी ली। ग्रामीणों ने कहा कि उनके बीच पहुंचकर समस्याएं सुनने वाले मनीष कुमार पहले जिलाधिकारी हैं। दूरस्थ सीमांत क्षेत्र में प्रशासन की इस पहल से लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में अब ठोस कदम उठाए जाएंगे।



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