Uttarakhand

सीमांत क्षेत्रों में ITBP की पहल साबित हो रही बेहद प्रभावी, स्थानीय लोगों को आर्थिक स्थिति हो रही बेहतर

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पिथौरागढ़ : प्रदेश के सीमांत जिलों में स्थानीय लोगों को रोजगार प्ररदान करने और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए शुरू की गई ITBP की पहल बेहद प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना से ना केवल ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है बल्कि आईटीबीपी के जवानों को ताजी मछली, सब्जियां और फल उपलब्ध हो रहे हैं।

सीमांत क्षेत्रों में ITBP की पहल साबित हो रही बेहद प्रभावी

उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में आईटीबीपी की पहल बेहद प्रभावी साबित हो रही है। ग्राम विकास अपर सचिव अनुराधा पाल ने बताया कि इस योजना के तहत शुरुआत स्थानीय स्तर पर पोल्ट्री और बकरी के मीट की खरीद से हुई, जिसे बाद में मछली, सब्जियों और फलों तक विस्तार दिया गया।

स्थानीय लोगों के माध्यम से हुआ 10 करोड़ का व्यापार 

बता दें कि इस पहल के जरिए अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये का व्यापार स्थानीय लोगों के माध्यम से हुआ है। जिससे गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं। ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिल रहा है और कई लोगों ने अपने छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं।
इस मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए एसएसबी और सेना के साथ भी बातचीत चल रही है।

इसके साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आईटीबीपी के डॉक्टर और पैरामेडिक्स उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है, जबकि राज्य सरकार दवाइयां और उपकरण देगी। अनुराधा पाल के अनुसार, वाइब्रेंट विलेजेज को सफल बनाने के लिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है और इस दिशा में यह पहल एक बड़ा कदम है।



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