Uttarakhand
सीएम धामी ने की 6,940 करोड़ की 12 परियोजनाओं की समीक्षा, 15 अक्टूबर से पहले पूरा करने के निर्देश
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रगति पोर्टल के माध्यम से राज्य की विभिन्न महत्वपूर्ण अवसंरचना एवं विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने परिवहन, ऊर्जा, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन और अन्य विभागों की ₹6,940 करोड़ की कुल 12 प्रमुख परियोजनाओं की विस्तार से जानकारी ली।
सीएम धामी ने की 6,940 करोड़ की 12 परियोजनाओं की समीक्षा
सीएम धामी ने आज प्रदेश की 6,940 करोड़ की 12 परियोजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं के कार्यों में और तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री स्तर पर प्रत्येक माह, मुख्य सचिव स्तर पर 10 दिनों में इसकी समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार सख्त कारवाई भी की जाएगी।
15 अक्टूबर से पहले पूरा करने के निर्देश
सीएम ने कहा कि जिन परियोजनाओं पर 50 प्रतिशत तक कार्य हो चुका है, 15 अक्टूबर 2026 तक उन कार्यों को पूर्ण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में भूमि हस्तांतरण, वन स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण, क्षतिपूर्ति भुगतान अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से विलम्ब हो रहा है, उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग समन्वित रूप से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
लंबित प्रकरणों का समयबद्ध हो निस्तारण
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रगति पोर्टल का प्रभावी निगरानी तंत्र के रूप में उपयोग करते हुए प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा की जाए और लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर लंबित प्रकरणों की व्यक्तिगत निगरानी कर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं, विद्युत अवसंरचना तथा परिवहन सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं राज्य के समग्र विकास और जनता की सुविधाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से पर्यटन, व्यापार, निवेश एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जिन परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षित स्तर से कम है, उनके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।