Uttarakhand

सीएम धामी के पैतृक गांव टुण्डी बनेगा मॉडल विलेज, डीएम भटगांई ने किया निरीक्षण

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सीएम धामी का पैतृक गांव अबह मॉडल विलेज बनने जा रहा है। इसके लिए पिथौरागढ़ जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने विकासखण्ड कनालीछीना अंतर्गत ग्राम पंचायत बारमां के तोक टुण्डी का विस्तृत भ्रमण कर आदर्श ग्राम विकास के लिए विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की जा रही योजनाओं की प्रगति का जायज़ा लिया।

सीएम धामी के पैतृक गांव टुण्डी बनेगा मॉडल विलेज

पिथौरागढ़ स्थित सीएम धामी का पैतृक गांवअब प्रदेश का मॉडल विलेज बनने जा रहा है। इसके लिए पिथौरागढ़ के डीएम आशीष भटगांई ने गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने आदर्श ग्राम विकास के लिए किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। हर स्थल पर पहुंंचकर उन्होंने योजनाओं की व्यावहारिकता, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया। इस दौरान जनपद के प्रमुख विकास और रेखीय विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

अधिकारियों को दिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन ने ग्राम टुण्डी को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। जिसके लिए क्लस्टर आधारित समन्वित व व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि ‘‘आदर्श ग्राम तभी साकार होगा जब बुनियादी ढाँचे के साथ सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास समान गति से आगे बढ़े।’’

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण आवश्यकताओं, स्थानीय संसाधनों और भौगोलिक परिस्थितियों का सटीक आकलन कर व्यावहारिक, प्रभावी और समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आजीविका, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता में शामिल करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी 

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएँ एवं अपेक्षाएँ सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘‘ग्रामीण सहभागिता ही स्थायी व सार्थक विकास की कुंजी है।’’आजिविका संवर्द्धन पर विशेष बल देते हुए जिलाधिकारी ने मत्स्य पालन, बकरी एवं गौ-पालन,मेडिसिन प्लांट, ड्रैगन फ्रूट एवं कीवी उत्पादन, फार्म मशीनरी बैंक स्थापना जैसी गतिविधियों को संतृप्ति के आधार पर लागू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने टुण्डी गधेरे पर चेक डैम निर्माण, सोलर पंपिंग आधारित सिंचाई, तथा सब्जी उत्पादन एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत योजना बनाने को कहा। इसके साथ ही पेयजल प्रणाली में सुधार के लिए भी नई योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।



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