Uttarakhand
सिरोबगड़ भूस्खलन जोन का होगा पक्का ट्रीटमेंट, 95.12 करोड़ की स्वीकृति
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सिरोबगड़ डेंजर जोन का होगा पक्का ट्रीटमेंट, 95.12 करोड़ की स्वीकृति
जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग के लगतार प्रयासों और प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप अब NH-07 पर सिरोबगड़ क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही भूस्खलन की समस्या के स्थायी समाधान किया जाएगा। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सिरोबगड़ भूस्खलन ट्रीटमेंट कार्य को वार्षिक योजना 2025-26 के अंतर्गत 95.12 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।
सिरोबगड़ क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही भूस्खलन की समस्या के समाधान के लिए स्वीकृत परियोजना के तहत चेनाज 350.767 से 350.938 तक भूस्खलन उपचार कार्य किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 95.12 करोड़ रुपये तय की गई है। पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से 96.11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे परीक्षण प्रक्रिया के बाद संशोधित कर अंतिम स्वीकृति दी गई है।
चार दशक पुरानी समस्या का होगा समाधान
बात दें कि सिरोबगड़ क्षेत्र में पिछले करीब चार दशकों से भूस्खलन एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। इसके कारण केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर बार-बार यातायात बाधित होता है। जिससे यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी लगातार परेशानी झेलनी पड़ती है। लेकिन अब जाकर, जिला प्रशासन की लगातार पहल के बाद इस दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
आधुनिक तकनीकों से होंगे उपचारात्मक कार्य
परियोजना के तहत इन उन्नत तकनीकों का उपयोग कर किया जाएगा ट्रीटमेंट।
- ढीली चट्टानों की स्केलिंग
- हाई टेंसाइल केबल नेट
- डीटी मेश
- रॉक एंकरिंग
इसके माध्यम से पहाड़ी ढलानों को मजबूत बनाया जाएगा। इसी तरह, इन उपायों से भविष्य में होने वाली भूस्खलन घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। इसके अलावा, पूरा कार्य EPC मॉडल के आधार पर कराया जाएगा।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि
सिरोबगड़ ट्रीटमेंट कार्य को स्वीकृति मिलना राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके बाद चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को राहत तो मिलेगी ही, साथ ही स्थानीय लोगों की आवाजाही भी अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगी। इस परियोजना को क्षेत्रीय विकास तथा यात्रा मार्ग की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।