Uttarakhand

सहकारिता नीति से लेकर EV नीति और कैंसर इंस्टीट्यूट तक प्रस्तावों को मंजूरी

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त हो गई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े 17 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। फैसलों में सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, कार्मिक, शहरी विकास और शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।

बैठक से पहले इसे मानसून सत्र से पहले सरकार की नीतिगत तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा था।

उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी

कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। सरकार की मौजूदा सहकारी योजनाओं में किसान कल्याण, ई-रिक्शा, मोटरसाइकिल टैक्सी, सामूहिक खेती और एकीकृत सहकारी विकास जैसे कार्यक्रम पहले से संचालित हैं।

नई नीति का उद्देश्य राज्य में सहकारिता क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना तथा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना माना जा रहा है।

परिवहन क्षेत्र में बड़ा फैसला, CNG वाहनों को राहत

कैबिनेट ने उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को मंजूरी दी है। इसके साथ ही राज्य में CNG वाहनों को ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट जारी रखने का फैसला किया गया है।

उत्तराखंड में ग्रीन सेस व्यवस्था पहले से लागू है और राज्य में प्रवेश करने वाले बाहरी वाहनों से पर्यावरणीय शुल्क लिया जाता है। मौजूदा व्यवस्था में इलेक्ट्रिक वाहनों और कुछ अन्य पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को राहत दी गई है।

कैबिनेट ने इसके साथ ही उत्तराखंड की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। इससे राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और परिवहन क्षेत्र को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में नीति तैयार होने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अहम फैसले

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड चिकित्सा एवं परिवार कल्याण सांख्यिक संवर्ग को भी मंजूरी दी है। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशासनिक और सांख्यिकीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

इसके अलावा ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने से संबंधित अंत्योदय फाउंडेशन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इससे ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में कैंसर उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की उम्मीद है।

लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 को मंजूरी

कैबिनेट ने उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 को भी मंजूरी प्रदान की है। यह फैसला राज्य में लोकायुक्त से संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बस्ती के लोगों को 10 प्रतिशत राशि का भुगतान अब सरकार करेगी

बैठक में बस्तियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया गया। जिन लोगों से पहले 10 प्रतिशत राशि लिए जाने का प्रावधान था, अब उस राशि का भुगतान सरकार द्वारा किए जाने का फैसला किया गया है। इससे संबंधित लाभार्थियों पर आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है।

शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज कार्यों को मंजूरी

कैबिनेट ने शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से जुड़े कार्यों को भी मंजूरी दी है। इन फैसलों का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना है।

तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए उत्तराखंड सरकार शहरी स्थानीय निकायों की क्षमता और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने पर भी काम कर रही है।

त्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को भी मंजूरी

कैबिनेट ने उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को भी मंजूरी प्रदान की है। उच्च शिक्षा से संबंधित इस निर्णय से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और नियामकीय ढांचे को स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।

बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले

  • उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी
  • उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को मंजूरी
  • CNG वाहनों के लिए ग्रीन सेस में छूट जारी
  • नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार करने के निर्देश
  • उत्तराखंड चिकित्सा एवं परिवार कल्याण सांख्यिक संवर्ग को मंजूरी
  • उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 को मंजूरी
  • बस्तियों से संबंधित 10 प्रतिशत राशि का भुगतान सरकार द्वारा करने का फैसला
  • शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज कार्यों को मंजूरी
  • ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए अंत्योदय फाउंडेशन का प्रस्ताव मंजूर
  • उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को मंजूरी

कुल मिलाकर, धामी कैबिनेट के 17 फैसलों में सहकारिता, स्वास्थ्य, परिवहन, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी सुविधाओं और प्रशासनिक सुधारों पर खास जोर दिखाई दिया है। मुख्यमंत्री धामी के पास मंत्रिपरिषद के साथ कार्मिक, वित्त, पेयजल, आवास और कई अन्य महत्वपूर्ण विभाग भी हैं।



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