Uttarakhand

राज्यपाल ने की चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा, यात्रा को सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाने के दिए निर्देश

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देहरादून :  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को लोक भवन में उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों के संबंध में बैठक ली। जिसमें शासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं अन्य विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने की चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा

राज्यपाल ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक उत्तरदायित्व है, जिसे पूर्ण समर्पण और संवेदनशीलता के साथ संपादित किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि इस दौरान दी गई जिम्मेदारी को केवल प्रातः 9 से 5 बजे तक की ड्यूटी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे पूर्ण निष्ठा, संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ संपादित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत, सेवा एवं आतिथ्य इस भाव से की जानी चाहिए कि वे यहां से सुखद एवं अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटें।

यात्रा को सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाने के दिए निर्देश

राज्यपाल ने साइबर अपराधों, विशेष रूप से फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग, ओवर रेटिंग और होटल बुकिंग धोखाधड़ी आदि के मामलों पर ऐसे लोगों पर निगरानी एवं उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं की कीमतों में अनुचित वृद्धि करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और नकारात्मक सूचनाओं पर नियंत्रण के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यात्रा प्रबंधन में नए उपायों को अपनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का अवसर मिलता है, जिससे स्वयं सहायता समूह, होमस्टे संचालक एवं स्थानीय उद्यमी लाभान्वित होते हैं, जिसका विशेष ध्यान रखा जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर दिया बल

राज्यपाल ने कहा कि यात्रा को सहज, सुगम और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को ये भी निर्देश दिए कि सभी संभावित आकस्मिक परिस्थितियों के लिए पूर्व तैयारी और वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर बल देते हुए कहा कि ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर त्वरित उपचार और रेस्क्यू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं निगरानी पर जोर देते हुए उन्होंने हृदय संबंधी समस्याओं के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने कहा कि जिला प्रशासन इस पूरी व्यवस्था की धुरी है और जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि पूर्व सैनिक, रेड क्रॉस, एनसीसी और एनएसएस जैसे संगठनों की सक्रिय भागीदारी के प्रयास किए जाए।



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