Uttarakhand

मिलावटखोरों पर सख्त होगी कार्रवाई, हर महीने चलेगा विशेष जांच अभियान

Published

on


देहरादून: प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ अब और सख्त कार्रवाई की तैयारी है। राज्य सरकार ने जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने का फैसला लिया है। इसके तहत अब केवल त्योहारों के समय ही नहीं, बल्कि हर महीने एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

हाट-मेलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों पर रहेगी खास नजर

विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सरकार ने सदन में बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच की प्रक्रिया पहले से जारी है और आने वाले समय में इसे और तेज किया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जानकारी दी कि हाट-बाजारों और मेलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

दरअसल, ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग खाद्य सामग्री खरीदते हैं। इसलिए वहां बेचे जाने वाले उत्पादों की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके।

पिछले दो वर्षों में लिए गए नमूनों का विवरण

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, खाद्य पदार्थों की जांच लगातार की जा रही है।

वर्ष 2023-24

  • कुल 1627 खाद्य नमूने लिए गए
  • इनमें से 171 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे
  • इसके आधार पर 171 मामलों में वाद दर्ज किए गए

वर्ष 2024-25

  • कुल 1684 नमूने लिए गए
  • इनमें से 159 नमूने फेल पाए गए
  • इसके आधार पर 159 मामलों में कार्रवाई की गई

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कमी भी होगी दूर

प्रदेश में फिलहाल खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के 28 पद खाली हैं। लेकिन, सरकार इन पदों को जल्द भरने की तैयारी में है। इसके लिए लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि अगर भर्ती प्रक्रिया में अधिक समय लगता है, तो प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भी इन पदों को भरने का प्रयास किया जाएगा।

देहरादून में बनेगी नई टेस्टिंग लैब

इसके साथ ही सरकार खाद्य पदार्थों की जांच व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी काम कर रही है। इसी कड़ी में देहरादून में बन रही फूड टेस्टिंग लैब का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, ये लैब 31 मार्च 2026 तक पूरी होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि नई लैब शुरू होने के बाद खाद्य पदार्थों की जांच अधिक तेजी और सटीकता से की जा सकेगी, जिससे मिलावटखोरों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version