Uttarakhand

पिथौरागढ़ में गुलदार का हमला, महिला गंभीर रूप से घायल, इलाके में दहशत

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पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ के चंडाक क्षेत्र के गौड़ियागांव में गुलदार (तेंदुए) के हमले से एक महिला घायल हो गई। घायल महिला का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

घास लेने जाते समय हुआ हमला

जानकारी के मुताबिक, बुधवार देर शाम निर्मला बिष्ट (46 वर्ष) घास लेने के लिए खेतों की ओर जा रही थीं। इसी दौरान अचानक झाड़ियों से निकले गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। हमले में महिला के चेहरे और हाथ पर गंभीर चोटें आईं।महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद गुलदार जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

पहले भी दिख चुका था तेंदुआ

घायल महिला के पति बलवंत सिंह ने बताया कि गांव की महिलाएं रोजाना चारा लेने खेतों में जाती हैं। पिछले कुछ दिनों से ग्रामीणों ने कई बार आसपास गुलदार को देखा था, जिसकी सूचना वन विभाग को भी दी गई थी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही तेंदुए ने गांव के पास एक मवेशी को भी मार दिया था, जिससे लोगों में पहले से डर का माहौल बना हुआ था।

वन विभाग ने शुरू की कॉम्बिंग

घटना की जानकारी मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी दिनेश जोशी जिला अस्पताल पहुंचे और घायल महिला का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि घटना के बाद क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को गांव में भेज दिया गया है। वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

ग्रामीणों में डर, गुलदार पकड़ने की मांग

घटना के बाद इलाके में लोग काफी डरे हुए हैं। कई ग्रामीणों ने बताया कि अब लोग घर से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जल्द गुलदार को पकड़ने, घायल महिला को मुआवजा देने और गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

जिले के अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ा खतरा

बताया जा रहा है कि पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट, बेरीनाग, थल, धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्रों में भी हाल के दिनों में गुलदार के हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। इन इलाकों में तेंदुए कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुके हैं, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।

 



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