Uttarakhand

चारधाम यात्रा ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

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रामनगर :  रामनगर पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट के आवास पहुंचकर उनकी पत्नी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की, इस दौरान मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा ने अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार चारधाम यात्रा ऐतिहासिक साबित हो रही है,उन्होंने बताया कि यात्रा शुरू होने के एक महीने के भीतर ही करीब साढ़े 20 लाख श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि पंजीकरण का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने से प्रदेश में उत्साह का माहौल है,मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का पूरा प्रयास है कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके। इसके लिए यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है,उन्होंने कहा कि सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

उन्होंने बताया कि हेमकुंड साहिब यात्रा भी शुरू हो चुकी है और श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है,वहीं आदि कैलाश यात्रा में भी करीब 20 दिनों के भीतर लगभग 20 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है,इसी क्रम में नीति क्षेत्र में हाई एल्टीट्यूड एक्सट्रीम मैराथन का आयोजन किया जा रहा है, जिससे राज्य में एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम को लेकर कहा कि इस समय प्रदेश के सामने पेयजल, वनाग्नि, स्वास्थ्य सेवाएं और बिजली आपूर्ति बड़ी चुनौतियां हैं,उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही उन्होंने संबंधित विभागों के साथ इन व्यवस्थाओं की समीक्षा की है और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सभी विभागों के समन्वय से गर्मी के इस सीजन को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाए,साथ ही आगामी मानसून को देखते हुए भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं ताकि किसी भी आपदा या आपात स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।



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