Uttarakhand

चंपावत में आपदा में किसानों का सहारा बना प्रशासन, 9 लाख की राहत राशि बांटी

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चंपावत : प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “समृद्ध किसान, खुशहाल प्रदेश” विजन को धरातल पर उतारते हुए चंपावत जिला प्रशासन आपदा प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। हाल ही में हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा से आलू, लौकी सहित विभिन्न फसलों को हुए नुकसान पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

चंपावत में आपदा में किसानों का सहारा बना प्रशासन

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में मुख्य कृषि अधिकारी एवं जिला उद्यान अधिकारी द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट संबंधित तहसीलों को भेज दी गई है। प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं, ताकि पात्र किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जा सके।

9 लाख की राहत राशि बांटी

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जनपद में फसल क्षति के मामलों में अब तक कुल 9 लाख रुपये की राहत धनराशि प्रभावित काश्तकारों को वितरित की जा चुकी है। वहीं शेष पात्र किसानों को भी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण होते ही राहत राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी। डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी प्रभावित कृषक को राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने किसानों से की ये अपील 

जिलाधिकारी ने जनपद के सभी किसानों और बागवानों से अपील की कि अगर उनकी कृषि या उद्यानिकी फसलें आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं तो वे तत्काल अपनी संबंधित तहसील, विकासखंड कार्यालय अथवा कृषि एवं उद्यान विभाग में सूचना दर्ज कराएं। उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा फसल क्षति के लिए पर्याप्त राहत प्रावधान किए गए हैं और जिला प्रशासन प्रत्येक पात्र किसान को समयबद्ध तरीके से उचित मुआवजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



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