Uttarakhand
ग्वालदम में नशा मुक्ति केंद्र पर छापा, बिना लाइसेंस संचालन का खुलासा
CHAMOLI NEWS: उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली विकासखंड के ग्वालदम में प्रशासन की छापेमारी से हड़कंप मच गया। उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट के नेतृत्व में गठित टीम ने एक नशा मुक्ति केंद्र पर औचक निरीक्षण किया, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं।
बिना वैध दस्तावेज चल रहा था केंद्र
जांच में पाया गया कि नशा मुक्ति केंद्र बिना किसी वैध दस्तावेज के संचालित किया जा रहा था। केंद्र संचालकों ने दिसंबर 2025 तक संचालन का दावा किया, लेकिन मौके पर कोई भी प्रमाणिक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
डॉक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ का अभाव
निरीक्षण के दौरान केंद्र में न तो कोई डॉक्टर मौजूद मिला और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। रजिस्टर में 15 कर्मचारियों का नाम दर्ज था, लेकिन डॉक्टर, नर्स और योग प्रशिक्षकों की कोई प्रमाणित डिग्री नहीं मिली।
फर्जी डिग्री और अवैध मेडिकल स्टोर का खुलासा
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि एक डॉक्टर की डिग्री आंध्र प्रदेश से रजिस्टर्ड बताई गई, लेकिन उसमें छेड़छाड़ के संकेत मिले। इसके अलावा संबंधित व्यक्ति द्वारा बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर भी संचालित किया जा रहा था। उसके पास केवल डी-फार्मा डिप्लोमा था, जबकि आवश्यक रजिस्ट्रेशन और दवाओं का स्टॉक रजिस्टर मौजूद नहीं था।
एक्सपायर दवाएं और खराब उपकरण
निरीक्षण के दौरान ओपीडी कक्ष की स्थिति बेहद खराब पाई गई। ब्लड प्रेशर मापने की मशीन और वजन मशीन खराब हालत में मिले। वहीं, अधिकांश दवाएं एक्सपायर हो चुकी थीं और सीसीटीवी कैमरे भी बंद पड़े थे।
प्रशासन सख्त, कार्रवाई के निर्देश
उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट ने बताया कि वर्ष 2025 के बाद केंद्र में किसी भी मरीज का पंजीकरण नहीं हुआ था। प्रारंभिक जांच में डॉक्टर की डिग्री फर्जी होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र और उसके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।