Uttarakhand

केदारनाथ यात्रा के लिए अंतिम चरण में तैयारियां, जिलाधिकारी ने तैयारियों का किया निरीक्षण

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रूूद्रप्रयाग : केदारनाथ यात्रा 2026 22 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इस महत्वपूर्ण यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इसी क्रम में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने आज पत्रकारों के साथ संवाद करते हुए यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।

केदारनाथ यात्रा के लिए अंतिम चरण में तैयारियां

केदारनाथ यात्रा 2026 के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यात्रा की तैयारियों को लेकर आज जिलाधिकारी ने तैयारियों का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि केदारनाथ धाम यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों की टीमें लगातार फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटी हैं और हर छोटी-बड़ी व्यवस्था की बारीकी से निगरानी की जा रही है।

सोनप्रयाग में पंजीकरण केंद्र को पूरी तरह तैयार

अब तक कुल 4 लाख 73 हजार 168 श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में श्रद्धालुओं के बढ़ते उत्साह को दर्शाता है। यात्रियों की सुविधा के लिए सोनप्रयाग में पंजीकरण केंद्र को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। जहां सुचारु और व्यवस्थित ढंग से पंजीकरण की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। स्वच्छता को लेकर प्रशासन विशेष रूप से गंभीर है। जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा मार्ग पर निरंतर साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा है। सुलभ संस्था के 245 पर्यावरण मित्रों को तैनात किया गया है, जबकि नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के 200 से अधिक पर्यावरण मित्र भी इस कार्य में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।

कूड़ा प्रबंधन, शौचालय व्यवस्था और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके। आवास व्यवस्था के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में लगभग 50 प्रतिशत होटल बुक हो चुके हैं और शेष व्यवस्थाओं को भी व्यवस्थित किया जा रहा है। हेली सेवाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गुप्तकाशी एवं शेरसी से 2-2 तथा फाटा से 4 हेली सेवाएं संचालित की जाएंगी। इन सेवाओं के लिए 11 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से पंजीकरण प्रारंभ किया जाएगा। हेली सेवाओं के संचालन को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

शटल सेवाओं, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन की भी है व्यवस्था

सड़क और यातायात व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोहबगड़ से गौरीकुंड के मध्य विभिन्न स्थानों पर निर्माण एवं मरम्मत कार्य तेजी से जारी है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने जानकरी देते हुए बताया कि यात्रा के दृष्टिगत 3 सुपर जोन, 17 जोन और 47 सेक्टर बनाए गए हैं। इसी प्रकार से ट्रैफिक व्यवस्था के लिए भी सुपर जोन, जोन एवं सेक्टर बनाए गए हैं। भीड़ वाले क्षेत्रों में मोबाइल पेट्रोलिंग यूनिट लगातार गश्त करेंगी। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर स्थाई और अस्थाई पार्किंग स्थलों की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे यातायात को नियंत्रित करने में आसानी होगी। शटल सेवाओं, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि यात्रियों को जाम जैसी समस्या का सामना न करना पड़े।



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