हरिद्वार : धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ मेले के दौरान लाखों शिवभक्तों की आवाजाही के बीच स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए नगर निगम ने तकनीक का सहारा लेते हुए कांवड़ पटरी मार्ग पर सोलर स्मार्ट डस्टबिन का ट्रायल शुरू किया है।
कांवड़ मेले में स्वच्छता की नई पहल
सौर ऊर्जा से चलने वाला यह हाईटेक डस्टबिन सामान्य कूड़ेदान के मुकाबले अधिक क्षमता के साथ कचरे को एकत्र करने और उसे कॉम्पैक्ट करने में सक्षम है।नगर निगम का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से कांवड़ मेले के दौरान कूड़ा उठाने और उसके निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। साथ ही धर्मनगरी की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने में भी इस पहल से मदद मिलने की उम्मीद है।
सोलर स्मार्ट डस्टबिन का ट्रायल
नगर निगम के उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी के मुताबिक स्मार्ट डस्टबिन में सोलर पैनल के साथ सेंसर और कचरे को दबाकर कम जगह में संग्रहित करने की तकनीक लगाई गई है। इसकी सामान्य क्षमता करीब 240 किलो है, जबकि कंपैक्टर की मदद से इसमें लगभग 1000 किलो तक कचरा दबाकर रखा जा सकता है। कांवड़ मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से पैदा होने वाले अतिरिक्त कचरे के प्रबंधन में यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।
कांवड़ पटरी मार्ग पर लगए गए स्मार्ट डस्टबिन
फिलहाल स्मार्ट डस्टबिन को कांवड़ पटरी मार्ग पर परीक्षण के तौर पर लगाया गया है। अगले एक-दो दिनों में ट्रायल के परिणाम सामने आने के बाद इसकी कार्यक्षमता और तकनीकी जरूरतों का आकलन किया जाएगा। प्रयोग सफल रहा तो नगर निगम इसे हरिद्वार के प्रमुख चौराहों, बाजारों और हर की पैड़ी सहित गंगा घाटों के आसपास भी लगाने की तैयारी करेगा।