Uttarakhand
ऐसे कैसे होगी शहर में सफाई व्यवस्था, देहरादून DM ने गाड़ियों का मांगा रूट प्लान तो खुली पोल
देहरादून नगर निगम से अनुबंधित कंपनी सनलाइट, वाटरग्रेस और इकॉन के पदाधिकारियों से सोमवार को बैठक के दौरान डीएम और प्रशासक सविन बंसल ने सफाई वाहनों का रूट प्लान मांगा तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
डीएम ने इन कंपनियों को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर निर्धारित रूट पर नियमित रूप से सफाई वाहन पूरे चक्कर क्यों नहीं लगा रहे हैं। उन्होंने उप नगर आयुक्त और सहायक नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि इन कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए लिखित रूप से जवाब तलब करें। साथ ही, जुर्माना लगाया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि वार्डों से कूड़ा नहीं उठने की शिकायत मिली या सार्वजनिक जगह कूड़ा डंप नजर आया तो कंपनियों के भुगतान में कटौती होगी। डीएम ने निगरानी कर रही ब्रेन एबव और वी वॉयस को भी सख्त हिदायत दी।
इस दौरान अपर नगर आयुक्त बीर सिंह बुदियाल, उप नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, सहायक नगर आयुक्त राजबीर सिंह चौहान मौजूद रहे। उप नगर आयुक्त का स्वास्थ्य बिगड़ा डीएम की बैठक के दौरान उप नगर आयुक्त गौरव भसीन का स्वास्थ्य बिगड़ गया था। चक्कर आने के बाद दून अस्पताल पहुंचाया। दवा लेने के बाद तबीयत में सुधार हुआ।
स्ट्रीट लाइटें लगाने से पहले हाजिरी अनिवार्य
देहरादून नगर निगम से अनुबंधित ईईएसएल कंपनी ने आगे जिस कंपनी को स्ट्रीट लाइट का काम सौंपा था, उसके स्तर से कागजों पर कई टीमें दर्शाई गईं, लेकिन धरातल पर बहुत कम टीमें भेजी गईं। अब डीएम सविन बंसल ने उप नगर आयुक्त गौरव भसीन और छह प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और नई लाइटें लगाने के लिए कर्मचारियों की हाजिरी सुनिश्चित करें। स्ट्रीट लाइटें केवल सेक्टर अधिकारियों को दी जाएंगी।
आदेश नहीं माना गया
देहरादून नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग को पूर्व में नगर आयुक्त और डीएम ने भी कार्ययोजना के मुताबिक, निर्धारित रूट पर सफाई वाहन संचालित करवाने के निर्देश दिए थे। निगरानी एजेंसी ब्रेन एबव को हाइटेक कंट्रोल रूम बनाना था और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी लगवानी थी। पर, इसका पालन नहीं किया गया।