Uttarakhand
एसआईटी गठन से जांच को मिली नई गति

गुंजन हत्याकांड में एसआईटी गठित
उक्त प्रकरण की विवेचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर को सौंपी गई है, जिन्हें पूरे मामले की जिम्मेदारी के साथ निष्पक्ष,प्रभावी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एसआईटी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विवेचना पूरी तरह वैज्ञानिक,तकनीकी और पेशेवर तरीके से की जाए।
इसके तहत घटनास्थल से भौतिक साक्ष्यों का सटीक संकलन, फॉरेंसिक जांच, डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण, क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की गहन समीक्षा तथा घटना से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों और संदिग्धों के बयानों के आधार पर ठोस कार्रवाई की जाएगी।
जल्द ही न्यायलय में दाखिल होगा आरोपपत्र
पुलिस का उद्देश्य केवल अभियुक्त की पहचान और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि मजबूत साक्ष्यों के आधार पर ऐसा आरोप पत्र तैयार करना है, जिससे न्यायालय में मामला पूरी मजबूती के साथ प्रस्तुत हो सके। पुलिस प्रशासन ने ये भी सुनिश्चित किया है कि विवेचना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी न हो और पूरे प्रकरण को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।
लक्ष्य ये है कि शीघ्र ही आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के माध्यम से मामले का त्वरित निस्तारण कराया जाए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और समाज में यह स्पष्ट संदेश जाए कि इस तरह के जघन्य अपराधों पर कानून पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करता है।
गठित एसआईटी में क्षेत्राधिकारी नगर, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर, प्रभारी एसओजी तथा प्रभारी फील्ड यूनिट को शामिल किया गया है। सभी इकाइयाँ आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जांच को मजबूत, निष्पक्ष और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में काम कर रही हैं, ताकि दोषी को जल्द से जल्द कानून के कठघरे में खड़ा किया जा सके और मामले का न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित हो सके।