
जमकर किरकिरी हो रही उत्तराखंड सरकार के इस शासनादेश की
कई शिक्षक शिक्षण संस्थान आज भी इसलिए नहीं खुल पाए क्योंकि पहले से अवकाश तय था। ऐसे में सोशल मीडिया से लेकर चौराहे और नुक्कड़ पर लोग इस बात की खूब चर्चा कर रहे हैं कि आखिर शासन के अधिकारी इतनी गहरी निंद्रा में क्यों सोए रहते हैं।
सवाल उठ रहे हैं कि क्या पहले से ही शासन के अधिकारी इस पर कोई तैयारी नहीं करते या अचानक कुंभकर्णी नींद टूटने के बाद ही यह सब याद आता है। यह पहला आदेश नहीं है बल्कि इससे पहले भी कई बार इस तरह के मामले सामने आए हैं जनक केवल शासन स्तर पर सवाल खड़े करते हैं बल्कि सरकार की भी जमकर किरकिरी करते है।