Uttarakhand

उत्तराखंड में राजस्व बढ़ाने की तैयारी, विश्व बैंक की SPFM परियोजना पर मंथन

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देहरादून : उत्तराखण्ड में राजस्व संग्रहण को बढ़ावा देने तथा वित्तीय अनुशासन को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वित्त विभाग द्वारा विश्व बैंक सहायतित एस.पी.एफ.एम. (SPFM) परियोजना का क्रियान्वयन प्रस्तावित है। परियोजना की तैयारियों के संबंध में उत्तराखण्ड भ्रमण पर आए विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने आज डिब्रीफिंग बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात कर परियोजना की प्रगति एवं भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।

उत्तराखंड में राजस्व बढ़ाने की तैयारी

बैठक में विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने बताया कि परियोजना की तैयारी के क्रम में राज्य के विभिन्न राजस्व संग्रहण करने वाले विभागों एवं संस्थानों के साथ विचार-विमर्श किया गया है। इनमें राज्य कर विभाग, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, ट्रेजरी निदेशालय, ऑडिट विभाग, वन विकास निगम सहित अन्य राज्य नियंत्रणाधीन संगठन शामिल हैं। इन विभागों एवं संस्थानों को परियोजना के दायरे में शामिल किया जा रहा है।

विश्व बैंक की SPFM परियोजना पर मंथन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि राज्य में राजस्व अर्जित करने वाले सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि राजस्व अर्जन में वृद्धि के लिए उन्हें जिस भी प्रकार की तकनीकी, संस्थागत अथवा अन्य सहायता की आवश्यकता है, वह एस.पी.एफ.एम. परियोजना के अंतर्गत प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रहण बढ़ाना ही नहीं, बल्कि राज्य की समग्र वित्तीय व्यवस्था को अधिक सक्षम, पारदर्शी और प्रभावी बनाना भी है।

राजस्व अर्जन में वृद्धि के साथ डिजिटल नवाचार को दें प्राथमिकता

मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के अंतर्गत राजस्व अर्जन में वृद्धि के साथ-साथ डिजिटल नवाचार को भी प्राथमिकता दी जाए, ताकि आधुनिक तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं और प्रक्रियाओं को अधिक सरल व सुगम बनाया जा सके और इसका सीधा लाभ जनसाधारण को मिले। उन्होंने संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय के साथ परियोजना के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए। विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने परियोजना की तैयारियों, विभिन्न विभागों के साथ किए गए विमर्श तथा आगे की कार्ययोजना से मुख्य सचिव को अवगत कराया। बैठक में परियोजना के माध्यम से राज्य की राजस्व क्षमता को मजबूत करने, वित्तीय प्रबंधन में सुधार और डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई।



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