Uttarakhand
उत्तराखंड में ‘महक क्रांति’ का बड़ा प्लान, 91 हजार किसानों को फायदा
देहरादून : राज्य औषधीय पादप बोर्ड उत्तराखण्ड, देहरादून की मा उपाध्यक्ष अनुराधा वालिया द्वारा परफ्यूमरी और सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान, सेलाकुई की आधुनिक इत्र और सुगन्ध प्रयोगशाला, सगन्ध फसल उत्कृष्टता केन्द्र (हाईटेक नर्सरी), ऐरोमा गेलरी व सगन्ध प्रक्षेत्र भ्रमण किया गया।
उत्तराखंड में ‘महक क्रांति’ का बड़ा प्लान
डा नृपेन्द्र चैहान, निदेशक, परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान, सेलाकुई द्वारा उपाध्यक्ष का स्वागत किया गया। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा सगन्ध फसलों की खेती के प्रसार हेतु संचालित विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में अवगत कराया गया। निदेशक महोदय द्वारा मा उपाध्यक्ष को अवगत कराया गया कि राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड में उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026-36 लागू की गई है जिसके अन्तर्गत 22750 हेक्टेयर भूमि को सगन्ध फसलों यथा लैमनग्रास, मिन्ट, सिनेमन, तिमूर एवं डेमस्क गुलाब से आच्छादित किया जायेगा।
6 सेटेलाईट सेन्टर विकसित किये जाने की योजना
इस से लगभग 91 हजार कृषक लाभांवित होगें, नीति के अन्तर्गत 7 ऐरोमा वैलियां और 6 सेटेलाईट सेन्टर विकसित किये जाने की योजना और कृषिकरण, आसवन, पैकेजिग एवं ब्रांडिंग, गुणवत्ता प्रमाणीकरण पर 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान की व्यवस्था की गई है। निदेशक द्वारा ये भी अवगत कराया गया कि वर्तमान में सगन्ध फसलों की 23 प्रजातियों के सुगन्धित तेल और फूलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किये गये है।
91 हजार किसानों को फायदा
उत्तराखण्ड राज्य के सगन्ध सेक्टर की उपलब्धियों की जानकारी पाकर मा0 उपाध्यक्ष जी द्वारा च्।त्क्प् की उपलब्धियों की प्रशंसा करते कहा कि यह ऐरोमा सेक्टर में कार्य करने वाला देश का मात्र एक ऐसा संस्थान है, जो कृषकों को एक ही छत के नीचे, कृषिकरण, आसवन, गुणवत्ता प्रमाणीकरण एवं बाजार व्यवस्था उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ उन्होने कहा कि इसके सतत विकास हेतु राज्य सरकार की तरफ से हर संम्भव सहायता प्रदान करने के प्रयास किये जायेगे।
इस अवसर पर च्।त्क्प् के वैज्ञानिक डाॅ जफर, डा0 ललित आदि उपस्थित रहे।