Uttarakhand

उत्कर्ष से अपकर्ष तक” पुस्तक का लोकार्पण, इतिहास के वैभव और पतन की गाथा पर हुई चर्चा

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देहरादून: दून लाइब्रेरी एवं रिसर्च सेंटर में 4 अप्रैल 2026 को वरिष्ठ साहित्यकार तापस चक्रवर्ती की चर्चित पुस्तक “हम्पी: उत्कर्ष से अपकर्ष तक” का भव्य लोकार्पण एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर साहित्य और शिक्षा जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मौजूद रहे और कार्यक्रम ने एक महत्वपूर्ण साहित्यिक मंच का रूप लिया।

“हम्पी: उत्कर्ष से अपकर्ष तक” पुस्तक का लोकार्पण 

यह पुस्तक हम्पी जैसे ऐतिहासिक नगर पर आधारित है, जो कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी था। लेखक ने इसमें 14वीं सदी में हम्पी के उत्कर्ष और 16वीं सदी में तालीकोटा का युद्ध के बाद उसके पतन की कहानी को विस्तार से प्रस्तुत किया है। पुस्तक में इतिहास, स्थापत्य, विदेशी यात्रियों के विवरण, मंदिरों और महलों की संरचना सहित उस दौर के सामाजिक-धार्मिक पहलुओं को समाहित किया गया है।

पुस्तक को मिल चुके कई साहित्य सम्मान 

यह कृति वर्ष 2025 में “Valley of Words” के नॉन-फिक्शन वर्ग में शॉर्टलिस्ट हो चुकी है और कादंबरी संस्था, जबलपुर द्वारा “साहित्य सरस्वती सम्मान” तथा लिटरेचर लाइट पब्लिशिंग द्वारा “स्पर्श साहित्य सम्मान” से सम्मानित की जा चुकी है। तापस चक्रवर्ती, जो हाल ही में केंद्रीय जीएसटी विभाग से सहायक आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, के अब तक पाँच यात्रा-वृत्तांत प्रकाशित हो चुके हैं। यह आयोजन साहित्य और इतिहास के प्रति रुचि रखने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।

कार्यक्रम में डा. सुरेखा डंगवाल, कुलपति दून विश्वविद्यालय मुख्य अतिथि रहीं। वहीं डा. जितेन ठाकुर और वरिष्ठ साहित्यकार मुकेश नौटियाल ने पुस्तक पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. बुद्धिनाथ मिश्र ने की, जबकि डा. चन्द्रशेखर तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया और डा. भारती मिश्र ने संचालन किया।



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