Uttarakhand

आकाशीय बिजली की मार से राख हुई गौशाला, 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवार को मिली आर्थिक सहायता

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चंपावत : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आपदा प्रभावितों को त्वरित और पारदर्शी राहत पहुंचाने के संकल्प को चम्पावत जिला प्रशासन ने एक बार फिर धरातल पर साकार कर दिखाया है। विकासखंड चम्पावत के ग्राम गढ़कोट में आकाशीय बिजली गिरने से हुई दुखद घटना के बाद प्रशासन ने बिना किसी विलंब के प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता एवं आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई।

आकाशीय बिजली की मार से राख हुई गौशाला

ग्राम गढ़कोट में आकाशीय बिजली गिरने से एक गौशाला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। घटना में गौशाला को भारी नुकसान पहुंचा और परिवार संकट में आ गया। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में तहसीलदार बृजमोहन आर्या ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया।

24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवार को मिली आर्थिक सहायता

प्रशासन की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ित गृहस्वामी डूंगर देव पुत्र सीताराम को मौके पर ही 20 हजार रुपये की अनुमन्य आर्थिक सहायता का चेक सौंप दिया गया। आपदा की इस घड़ी में जिला प्रशासन के साथ रेड क्रॉस समिति भी मदद के लिए आगे आई। प्रभावित परिवार को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से समिति द्वारा त्रिपाल, कंबल एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिससे परिवार को अस्थायी राहत मिल सकी।

त्वरित सहायता मिलने पर प्रभावित डूंगर देव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी मनीष कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन की तत्काल मदद उनके परिवार के लिए बड़ी राहत और सहारा साबित हुई है। पूरे राहत अभियान के दौरान राजस्व विभाग, पशुपालन विभाग तथा रेड क्रॉस समिति के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे और राहत कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।



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